सामान्य जानकारी

प्रशिक्षण
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प्रशिक्षण

प्रशिक्षण का अर्थ है- वर्तमान ज्ञान और कुशलता का विकास तथा भावी उत्तरदायित्व के लिए तैयारी। ज्ञान और प्रशिक्षण दोनों साथी हैं। एक दूसरे के…

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माननीय , महोदय और महाशय में अंतर
difference सामान्य जानकारी

माननीय , महोदय और महाशय में अंतर

आदर , श्रद्धा , सम्मान देना भारतीय संस्कृति का आत्मीय गुण है। जिस देश में माता-पिता, गुरु को पूजनीय समझा जाता है, वहां पर आदर…

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सगुण और निर्गुण भक्ति में अंतर
difference सामान्य जानकारी

सगुण और निर्गुण भक्ति में अंतर

14 वीं से 17 वीं शताब्दी के बीच का काल भक्ति काल कहलाता है। भक्ति परंपरा को दो मुख्य वर्गों में विभाजित किया गया है-…

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कर्म और कर्तव्य में अंतर
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कर्म और कर्तव्य में अंतर

कर्म और कर्तव्य पर आधारित महापुरुषों के दिव्य वचन- कर्म  प्राणी अकेला जन्मता है, अकेला मरता है और अपने पाप पुण्य (कर्म) का फल अकेला…

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कटाक्ष , ताना और व्यंग्य में अंतर
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कटाक्ष , ताना और व्यंग्य में अंतर

रहिमन निज मन की, बिथा, मन ही राखो गोय। सुनि अठिलैह लोग सब, बाटि न लैहैं न कोय।। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, इस नजरिए…

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लोक निंदा एक रोग

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। समाज का गठन मानव के विकास ,सहयोग के लिए ही किया गया है। यदि समाज अपने मानसिकता, कुरीतियां, महिला ,वण॑, धर्म…

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समस्या के समाधान का पिरामिड
सामान्य जानकारी

समस्या के समाधान का पिरामिड

अनिश्चितता और विलम्ब हर समस्या के माता-पिता है। समस्या का बोध - जिस प्रकार शारीरिक रोग का पता चलना उसके इलाज के लिए अति आवश्यक…

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दैनिक डायरी का महत्व

 दैनिक डायरी लिखना एक प्रकार का आत्मचिंतन/स्वचिंतन ही है। डायरी एक प्रकार से हमारी परम मित्र हैं। यह हमें स्वयं से मिलाती है और हमारी भावनाओं, कार्यों…

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आलस्य – कारण और निवारण

 आलस्य जीवित मानव की कब्र है, जिसमें सब अच्छे गुण दफन हो जाते हैं । - कूपर  आलस्य सबसे अधिक विघ्न कारक है। आलस्य से…

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गुरु मेरा अभिमान
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गुरु मेरा अभिमान

गुरु पर १० अनमोल विचार गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय, बलिहारी गुरु आपकी गोविंद दियो बताए। गुरु की आज्ञा आवै, गुरु की आज्ञा…

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Latest Blog

पैसा यह नहीं खरीद सकता

रोई रोईके पाइये, रुपया जिसका नाम। जब जाये फिर रोइये, इह सुख जिसको काम।।  अर्थात रो रो के रुपया आता है और जब जाता है तो रुला कर जाता है।आधुनिक समाज में ऐसी विचारधारा पनप…

आत्म उत्थान के सात आयाम

हमारा प्रथम और अंतिम प्रेम- आत्म प्रेम होता है। "खुदी को कर बुलंद इतना के हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है।" आत्म उत्थान, आत्मबल, आत्म कल्याण, आत्म हित,…

क्या कम ,क्या ज्यादा

सुने अधिक, बोले कम -जहां एक शब्द से काम चले वहां दो मत बोलो। बिना सोचे समझे बोलना ऐसा ही है जैसा कि लक्ष्यहीन गोली चलाना। निराशा तम है, आशा दीपक -जो आशा में जीवित रहता…

मार्केटिंग और सेल में अंतर

कंपनी कल्चर का कुछ भाग कंपनी जिस रास्ते पर चलती है उस पर निर्भर करता है -यह वो पाठ है जो आप सफर में सीखते हैं।-जैफ बेजॉस के अनमोल विचार  मार्केटिंग और सेल परस्पर एक…

विवाह – प्रकार व नियम (शास्त्रोनुसार)

हिंदू मान्यताओं के अनुसार शादी एक धार्मिक संस्कार है। इसे एक पवित्र बंधन माना जाता है। शादी के पश्चात ही व्यक्ति गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करता है। मनुस्मृति के अनुसार व्याह कई प्रकार के होते हैं। प्रथम चार प्रकार के गठबंधन उच्च कोटि…

अंको का रहस्य( अंक शास्त्र )

यूनानी दार्शनिक पैथागोरस एक महान अंक शास्त्री था। उनका विश्वास था कि अंको में एक महान शक्ति छिपी है। अंको की लीला बहुत विचित्र है।अंको का आरंभ शुन्य से होता है, ये शुन्य में ही…

लक्ष्य/ Goal निर्धारण क्या करें/ क्या न करें
सामान्य जानकारी

लक्ष्य/ Goal निर्धारण क्या करें/ क्या न करें

जो धुन के पक्के होते हैं वह जरूर सफल होते हैं। दृढ़ विश्वास के द्वारा दुर्गम पथ को भी सुगम बनाया जा सकता है। व्यक्ति को अपना लक्ष्य, अपना आदर्श हमेशा प्रकाशमान रखना चाहिए उसे…

सफल व असफल लोगों में अंतर

मानव का दानव होना उसकी असफलता है ,  मानव का महामानव होना चमत्कार है ,  मानव का मानव होना उसकी सफलता है। डॉ० राधा कृष्ण महापुरुषों द्वारा सफलता के लिए दर्शाए कुछ सूत्र - सफलता…

दिगंबर और श्वेतांबर में अंतर
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दिगंबर और श्वेतांबर में अंतर

महावीर, जैन धर्म के संस्थापक नहीं थे।बल्कि वे इस धर्म के अंतिम तथा सर्वाधिक प्रसिद्ध 24 वें तीर्थकर थे। इनके प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव थे। 23 वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ को छोड़कर पूर्ववर्ती तीर्थकरो  की ऐतिहासिकता संदिग्ध है। प्रारंभ…

उपवेद , सूत्र ग्रंथ और ब्राह्मण ग्रंथ में अंतर
difference सामान्य जानकारी

उपवेद , सूत्र ग्रंथ और ब्राह्मण ग्रंथ में अंतर

आर्य समाज की संपूर्ण बौद्धिक, धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक व नैतिक जानकारी का स्रोत विश्व के सबसे प्राचीन ग्रंथ है, जिन्हें वेद कहा जाता है। इन वेदों के अतिरिक्त भी वैदिक साहित्य में बहुत सारे ग्रंथ…