व्यक्ति से राष्ट्र तक
कौन सही?कौन है सही—मैं या तुम?क्या यह प्रश्न स्वयं में सही है?छोटा-सा दिखने वाला यह प्रश्न,क्यों बन जाता है इतनी बड़ी उलझन?इसी प्रश्न से चर्चा आरंभ हुई,कब बैठक सदन में बदल गई—पता न चला।विपक्ष की…
कौन सही?कौन है सही—मैं या तुम?क्या यह प्रश्न स्वयं में सही है?छोटा-सा दिखने वाला यह प्रश्न,क्यों बन जाता है इतनी बड़ी उलझन?इसी प्रश्न से चर्चा आरंभ हुई,कब बैठक सदन में बदल गई—पता न चला।विपक्ष की…
क्यों डरता है कल के अँधेरे सेक्यों डरता है आने वाले सवेरे सेसब कुछ है, बन्दे, तेरे हाथों मेंतू बस जी ले पूरा इसी समय में क्यों डरता है तू लोग-दुनिया सेक्यों डरता है तू…
यूँ ही चलते हुए एक मधुशाला देखी,वहाँ जाते हुए भीड़ देखीमानो जैसे सजा हो कोई रंगीला मेला।बस कदम खुद ब खुद मधुशाला की ओर बढ़ने लगे,मानो वहाँ पहुँचा तो एक अलग ही दुनिया से वाकिफ…
हमारी भाषा में कई ऐसे शब्द होते हैं जो लगभग एक जैसे प्रतीत होते हैं, लेकिन उनका अर्थ और उपयोग भिन्न होता है। ऐसे ही तीन शब्द हैं - आशय, अभिप्राय और तात्पर्य। इन शब्दों…
आदर , श्रद्धा , सम्मान देना भारतीय संस्कृति का आत्मीय गुण है। जिस देश में माता-पिता, गुरु को पूजनीय समझा जाता है, वहां पर आदर सूचक शब्दों का कोश असीमित ही होगा। महानुभाव , महामना…
पात्रता पात्रता अर्थात अपनी योग्यता , क्षमता , कुशलता , ग्रहण शीलता से स्वयं को सिद्ध कर विशेष स्थान प्राप्त करना तथा उस स्थान के लिए उचित पात्र(selected candidate) बनना। इसके अतिरिक्त भाग्य और वंशावली…
पाया था सो खोया हमने, क्या खोकर क्या पाया ?रहे ना हम में राम हमारे, मिली ना हमको माया ।।मैथिलीशरण गुप्त जीवन एक सुंदर यात्रा है। इस मार्ग पर मोड़ भी आते हैं और दोराहे…
मानव तू क्यों मद करें, दिखा ज्ञान विज्ञान?तुझ जैसा ज्ञानी रचा उसका ही धर ध्यान।।श्रीमन नारायण गर्व व्यक्तिगत विशेषताएं जैसे कोई विशेष हुनर, गुण, उपलब्धि, योग्यता, क्षमता के कारण स्वयं को सम्मानित महसूस करना ,गर्व…
© Copyright 2020, Divyhindi.com, All rights reserved | Design & develop by AmpleThemes