एंटरप्रेन्योर और इंट्रोप्रन्योर में अंतर
किसी भी देश की अर्थव्यवस्था उसकी रीढ़ की हड्डी के समान होती है। यदि उस देश के व्यवसाय भली प्रकार विकसित न हो और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वयं को साबित न कर पा रहे हो…
किसी भी देश की अर्थव्यवस्था उसकी रीढ़ की हड्डी के समान होती है। यदि उस देश के व्यवसाय भली प्रकार विकसित न हो और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वयं को साबित न कर पा रहे हो…
काम ,क्रोध ,मद ,लोभ सब नाथ नरक के पंथ। - तुलसीदास जी क्रोघ पर कुछ सूक्तियां शक्तिशाली व विनाशकारी भाव है -क्रोध क्रोध हवा का वह झोंका है, जो बुद्धि के दीपक को बुझा देता…
यदि व्यक्ति आशावादी व आस्थावादी है तो उसे तनाव छू कर भी नहीं निकल सकता। अतः दुविधा छोड़कर आगे बढ़ना सीखो और अपने इष्ट देव का हाथ पकड़ कर रखो ताकि तुम्हें गिरने का डर…
तुम्हारी अदाओं का मैं दीवाना हो जाता हूँ, बात कर के तुमसे पिघल जाता हूँ l मुस्कुराहट देख तुम्हारी बिखर जाता हूँ, भावनाओं में तुम्हारी बह जाता हूँ l क्या करू मैं ऐसा हो जाता…
विश्वास - विश्वास वह नींव है जिसके ऊपर प्रेम का महल बनाया जाता है।यदि नींव कमजोर है तो संबंधों में मधुरता का अभाव रहेगा।अत विश्वास का धागा कभी नहीं तोडो।विश्वास करना एक गुण है वहीं…
मंत्र ☀️ अदृश्य से अदृश्य की टकराने की बारी आई, प्रार्थना, अरदास, इबादत की बारी आई। खुल गए कपाट परम शक्तिशाली के , कोरोना की आस्था से टकराने की बारी आई। अनंत चमत्कारों से भरे धर्मों…
संतोष और लालसा व्यक्ति की ऐसी दो मनोस्थिति है ,जो उसके उत्थान व पतन दोनों का कारण बनती है। संतोष का अर्थ प्राय: यह नहीं है कि व्यक्ति उन्नति की कोशिश न करें अपितु इसका…
न डरो , न भागो , न घबराओ - हम नहीं है चीन की सरकार। बहुत जरूरी हो तभी घर से निकलो - कांटों मे मत फिसलो। मास्क धारण करो - आनंद करो। हाथ साबुन…
पुत्र कोरोना प्रकृति के अनुग्रह को जब न मानव मान सका, तब प्रकृति नेे तीक्ष्ण बाणों से भीष्म की तरह बांध दिया , आज धरा निकली है अपना स्वाभिमान पाने को , अपना बच्चा खाएगी,…
भाग्य और पुरुषार्थ पर महान लोगों के विचार 1 कर्म, ज्ञान और भक्ति - ये तीनों जहां मिलते हैं वही सर्वश्रेष्ठ पुरुषार्थ है। 2 पुरुषार्थ ही सौभाग्य को सींचता है। 3 हारिए न हिम्मत ,…
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