भाषा , मातृभाषा , राजभाषा और राष्ट्रभाषा में अंतर
राष्ट्रभाषा विहीन - राष्ट्र विश्व में भारत एक ऐसा स्वतंत्र देश है जिसकी कोई राष्ट्रभाषा नहीं है। विभिनता में एकता दर्शाने वाला देश अपनी भावनाओं और विचारों को दर्शाने के लिए एक भाषा का चयन…
राष्ट्रभाषा विहीन - राष्ट्र विश्व में भारत एक ऐसा स्वतंत्र देश है जिसकी कोई राष्ट्रभाषा नहीं है। विभिनता में एकता दर्शाने वाला देश अपनी भावनाओं और विचारों को दर्शाने के लिए एक भाषा का चयन…
आध्यात्मिक अनुभूति के निमित्त साधारण अर्चना, आराधना ,उपासना और पूजा पाठ से प्रारंभ करके ईश्वर के प्रति प्रगाढ़ प्रेम में लीन होने वाली सफल एवं प्रगतिशील मानसिक चिंताओं को भक्ति कहते हैं। पूजा,अर्चना को जो…
आलस्य जीवित मानव की कब्र है, जिसमें सब अच्छे गुण दफन हो जाते हैं । - कूपर आलस्य सबसे अधिक विघ्न कारक है। आलस्य से देह और मन दोनों ही कमजोर होते हैं। जहां कोई…
कबीरा हरि के रूठते ,गुरु की शरणे बताएं। कह कबीर गुरु रूठते, हरि नहिं होत सहाय।। गुरु का महत्व भारतीय संस्कृति का मूलभूत आधार था। गुरु को भगवान से भी बड़ा दर्जा दिया गया था।…
गुरु पर १० अनमोल विचार गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय, बलिहारी गुरु आपकी गोविंद दियो बताए। गुरु की आज्ञा आवै, गुरु की आज्ञा जाय। कहे कबीर सो संत है, आवागमन नशाय।। गुरु कुम्हार…
विवेक, ज्ञान और विद्या- ये तीनों जहां मिलते हैं वहां सर्वश्रेष्ठ अविष्कार होता है। विवेक, ज्ञान और विद्या लगभग समानार्थक शब्द ही है परंतु इनमें कुछ व्यवहारिक अंतर है। जिन्हें चित्र के द्वारा दर्शाया गया…
चिंता चिता समान अर्थात चिंता ग्रस्त व्यक्ति मृतक (ना उम्मीद) के समान होता है। चिंता एक धीमा जहर है जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, आर्थिक और सामाजिक रूप से धीरे धीरे कमजोर कर देता…
विवाह से पूर्व संतति के स्वास्थ्य के लिए परिवारों की आनुवंशिकी का अध्ययन करना हितकर है।इस प्रकार का परिवार अध्ययन सन्तती को घातक बीमारियों से बचा सकता है। रिश्तेदारों में विवाह संबंध खतरनाक अनुवांशिक बीमारियों…
अस्त्र-शस्त्र अर्थात युद्ध में प्रयोग होने वाले हथियार। युद्ध में एकमात्र उद्देश्य विजय प्राप्त करना होता है अतः उसमें अस्त्रों व शस्त्रों दोनों का प्रयोग मान्य है। क्या है यह अस्त्र-शस्त्र आइए जाने- जब भी…
बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी है, गूमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी है, आत्मनिर्भर होने की भारत नें मन में ठानी है। (झांसी की रानी कविता से पंक्तियां) भारत की गुलामी की जंजीरे सन…
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