सामान्य जानकारी

प्रकृति का अंतिम संदेश
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प्रकृति का अंतिम संदेश

हैरान है प्रकृति, इंसान की चाहत देखकर,मानो सागर की असीम गहराई भी कम लगे।अपनी इच्छाओं की दौड़ में ऐसा खोया मानव,कि प्रकृति का अस्तित्व ही…

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प्रशिक्षण
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प्रशिक्षण

प्रशिक्षण का अर्थ है- वर्तमान ज्ञान और कुशलता का विकास तथा भावी उत्तरदायित्व के लिए तैयारी। ज्ञान और प्रशिक्षण दोनों साथी हैं। एक दूसरे के…

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माननीय , महोदय और महाशय में अंतर
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माननीय , महोदय और महाशय में अंतर

आदर , श्रद्धा , सम्मान देना भारतीय संस्कृति का आत्मीय गुण है। जिस देश में माता-पिता, गुरु को पूजनीय समझा जाता है, वहां पर आदर…

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सगुण और निर्गुण भक्ति में अंतर
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सगुण और निर्गुण भक्ति में अंतर

14 वीं से 17 वीं शताब्दी के बीच का काल भक्ति काल कहलाता है। भक्ति परंपरा को दो मुख्य वर्गों में विभाजित किया गया है-…

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कर्म और कर्तव्य में अंतर
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कर्म और कर्तव्य में अंतर

कर्म और कर्तव्य पर आधारित महापुरुषों के दिव्य वचन- कर्म  प्राणी अकेला जन्मता है, अकेला मरता है और अपने पाप पुण्य (कर्म) का फल अकेला…

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कटाक्ष , ताना और व्यंग्य में अंतर
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कटाक्ष , ताना और व्यंग्य में अंतर

रहिमन निज मन की, बिथा, मन ही राखो गोय। सुनि अठिलैह लोग सब, बाटि न लैहैं न कोय।। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, इस नजरिए…

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लोक निंदा एक रोग

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। समाज का गठन मानव के विकास ,सहयोग के लिए ही किया गया है। यदि समाज अपने मानसिकता, कुरीतियां, महिला ,वण॑, धर्म…

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समस्या के समाधान का पिरामिड
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समस्या के समाधान का पिरामिड

अनिश्चितता और विलम्ब हर समस्या के माता-पिता है। समस्या का बोध - जिस प्रकार शारीरिक रोग का पता चलना उसके इलाज के लिए अति आवश्यक…

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दैनिक डायरी का महत्व

 दैनिक डायरी लिखना एक प्रकार का आत्मचिंतन/स्वचिंतन ही है। डायरी एक प्रकार से हमारी परम मित्र हैं। यह हमें स्वयं से मिलाती है और हमारी भावनाओं, कार्यों…

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आलस्य – कारण और निवारण

 आलस्य जीवित मानव की कब्र है, जिसमें सब अच्छे गुण दफन हो जाते हैं । - कूपर  आलस्य सबसे अधिक विघ्न कारक है। आलस्य से…

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Latest Blog

पौराणिक भी – वैज्ञानिक भी

हमारे पुराणों में लिखी बातों को धार्मिक बातें समझ कर छोड़ दिया गया था ।आज उनका वैज्ञानिक रूप सिद्ध हो गया है। आइए ऐसी ही कुछ जानकारी प्राप्त करें -  क्रिया-प्रतिक्रिया नियम (Newton 3rd law)-…

कुछ नई मजेदार परिभाषाएँ

जेल : बिना खर्च का होटल। सिनेमा : पैसा देकर कैद होने की जगह। सास : बहू के पीछे छोड़ी गई बिना वेतन की जासूस। ताला : बिना तनख्वाह का चौकीदार। झगड़ा : वकील का…

मेगस्थनीज – यूनानी राजदूत (मौर्य काल)

मेगस्थनीज एक यूनानी राजदूत था जिसे सेल्यूकस निकेटर ने चंद्रगुप्त के दरबार (मौर्य साम्राज्य) में एक संधि के तहत भेजा था।मेगास्थनीज एक राजपूत ही नहीं वरन एक इतिहासकार भी था।इनका जन्म 350 ईसा पूर्व में हुआ।भारत…

अलबिरूनी तथा किताब-उल-हिंद

१)बंधक के रूप-1017 ई सुल्तान महमूद कई विद्वानों और कवियों को ख़्वारिज़्म से अपनी राजधानी गजनी ले गया। अलबिरूनी भी उनमें से एक था। २)जन्म-मृत्यु- स्थान - इनका जन्म उज्बेकिस्तान में स्थिर ख़्वारिज़्म मे सन् 973 मे हुआ…

स्वास्तिक रहस्यात्मक चिन्ह

यह एक शुभ चिन्ह माना जाता है किसी भी मांगलिक कार्य में हिंदू धर्म ,बौद्ध धर्म और जैन धर्म के लोग इसे बनाते हैं और इसकी पूजा करते हैं। स्वास्तिक का अर्थ - स्वास्तिक =सु+अस्ति…

आदत अपनी अपनी

कहानी १ द्रोणाचार्य ने एक दिन अपने शिष्य युधिष्ठर से कहा कि वह गाँव में जाकर किसी बुरे व्यक्ति की खोज कर अचार्य को उसका नाम और पता बता दे। इसके बाद आचार्य ने दुर्योधन…

न्युरोप्लास्टिसिटी (Neuroplasticity)

न्यूरोप्लास्टिसिटी - यह हमारे मस्तिष्क में होने वाली एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत हमारा मस्तिष्क बदलता रहता है। किसी भी विशेष कौशल(skill) को सीखने के लिए चाहे मस्तिष्क(Brain) किसी बच्चे का हो या किसी बड़े…

सिंधु घाटी सभ्यता- प्रमुख बिंदु

1.सिंधु घाटी सभ्यता – इस सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता और नगरीय सभ्यता  भी कहा जाता है। 2.भौगोलिक स्थिति - अफगानिस्तान ,जम्मू ,पाकिस्तान तथा गुजरात जैसे क्षेत्रों में पाई गई। 3.काल निर्धारण – लगभग 2600 और…

चीन की दीवार नहीं रोक पाई…

चीन की दीवार जो चंगेज खान(मंगोलो) के आक्रमण से बचने के लिए बनाई गई थी। मंगोल असभ्य ,क्रूर ,बर्बर जनजाति थी ।आज क्या हो रहा है, पूरा चीन ऐसा लगता है जैसे चगेंज खान बन…

भय(FEAR) बिन होय न प्रीत (lOVE)

तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस की यह पंक्तियां जैसे हर काल, देश, व्यक्ति और समाज में मान्य है। भय का एक निश्चित रूप नहीं होता इसके अनेक रूप हैं- दंड का भय-यदि यह भय न…